Rajasthan: 14 छात्रों ने पॉकेट मनी से तैयार की ई-साइकिल, एक बार चार्ज करने पर चलेगी 25 km.
बाड़मेर पॉलिटेक्निक कॉलेज में लास्ट ईयर में पढ़ने वाले 14 स्टूडेंट ने अपनी पॉकेट मनी से ई-साइकिल तैयार की
स्टूडेंट जेठाराम गोदारा (Jetharam Godara) ने बताया कि हम 14 स्टूडेंट ने इस ई-साइकिल को बनाने से पहले एक महीने तक रिसर्च किया। ई-साइकिल में दो बैटरी लगाई गई हैं। एक (Moter) मोटर भी लगाई गई है जिससे स्पीड कंट्रोल की जा सकती है। इसे बनाने में करीब 12 हजार रुपए का खर्चा आया है। स्टूडेंट ने प्लान तैयार कर कंट्रोलर मोटर का निर्माण किया। लेड एसिड बैटरी का उपयोग करके इसका निर्माण किया। सोलर सेल से इंप्रूवमेंट कर यह अनूठी साइकिल बनाई गई है।
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अलग-अलग राज्यों से मंगवाया सामान
Rajasthan साइकिल में उपयोग आने वाली सभी सामान को अलग-अलग राज्यों से पता किया। रिसर्च के दौरान एक ई-साइकिल में 15 हजार खर्चा लगने का अनुमान लगा फिर जब साइकिल बनाई तो यह खर्चा 12 हजार रुपए पर आ गया। लेक्चरर अमृत जांगिड़ ने बताया कि डिप्लोमा करने के बाद स्टूडेंट ने स्टार्ट अप के तौर पर इस प्रोजेक्ट पर काम किया और कुछ ही दिनों में इसे बनाकर तैयार कर दिया।
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महज 20 पैस प्रति किमी खर्च
महज 20 पैसे प्रति किमी. इस साइकिल का खर्च आएगा। बिना पैडल मारे इलेक्ट्रॉनिक साइकिल दौड़नी शुरू हो जाएगी। अब इसे एक बार चार्ज करने के बाद 25 किमी. तक ले जा सकेंगे। बैटरी चार्ज खत्म होने पर इसे पैंडल से भी चला सकेंगे। इसका कॉलेज में ट्रायल किया गया जो सफल हुआ है।
12-12 वॉट की दो बैटरी, 7 घंटे में होगी चार्ज होगी, स्पीड कंट्रोल सिस्टम भी लगाया
Rajasthan इस इलेक्ट्रॉनिक साइकिल में 12-12 वॉट की दो बैटरी लगी हुई है। कुल 24 वॉट क्षमता है। 250 वाट की मोटर लगी हुई है। इसके साथ ही साइकिल बैठक सीट के नीचे एक कंट्रोलर लगा हुआ है। जो रेस को बढ़ाने-घटाने के साथ ही स्पीड को कंट्रोल करेगा। बैटरी को चार्ज करने के लिए 7 घंटे लगेंगे। इसके बाद 25-30 किमी. तक साइकिल बिना पैडल मारे ही चल सकेगी। जब बैटरी चार्ज खत्म हो जाए तो इसे पैडल से भी चलाया जा सकेगा।
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